
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। डिजिटल साक्ष्यों ने खोली मनरेगा घोटाले की पोल: एक ही फोटो से दर्ज हुई दर्जनों मजदूरों की हाजिरी।।
शनिवार 17 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
संत कबीर नगर ।। विकासखंड सेमरियावां के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खमरिया इन दिनों भ्रष्टाचार की खुली प्रयोगशाला बनी हुई है। यहाँ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में व्यापक स्तर पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि एनएमएमएस (NMMS) ऐप, जिसे पारदर्शिता के लिए बनाया गया था, वही अब इस घोटाले के पुख्ता सबूत दे रहा है।
⭐एक तस्वीर, कई फर्जी हाजरियाँ
जाँच में यह तथ्य सामने आया है कि 8 जनवरी से 15 जनवरी के बीच, चक्र रोड पटाई कार्य के दौरान एक ही फोटो को बार-बार अपलोड कर फर्जी हाजिरी दर्ज की गई। सिस्टम के अनुसार:
🔥एक ही फोटो का उपयोग कर कभी 58, कभी 62, तो कभी 70 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई।
हैरानी की बात यह है कि जहाँ पुरुषों की फोटो लगी है, वहाँ रिकॉर्ड में महिलाओं के नाम दर्ज हैं, और जहाँ महिलाएँ काम कर रही हैं, वहाँ पुरुषों की हाजिरी दिखाई गई है।
⭐’खबर का असर’: प्रशासन आया हरकत में
इस खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीसी मनरेगा ने संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) से लिखित जवाब तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि जाँच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
⭐साठगांठ का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक की मिलीभगत से सरकारी धन की खुलेआम लूट हो रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब डिजिटल साक्ष्य ऐप पर साफ दिख रहे थे, तो जिम्मेदार अधिकारी इतने समय तक आंखें मूंदे क्यों बैठे रहे?
⭐अब निष्पक्ष जाँच पर टिकी निगाहें
गौरतलब है कि खमरिया में भ्रष्टाचार की शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से दोषियों के हौसले बुलंद हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार वास्तव में दोषियों पर गाज गिरेगी या फिर जाँच के नाम पर केवल ‘लीपापोती‘ की जाएगी?

















